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Atharvaveda / 19 / 23 / 26

प्रा॑जाप॒त्याभ्यां॒ स्वाहा॑ ॥ 26॥

Veda : Atharvaveda | Kand : 19 | Sukta : 23 | Paryay : | Mantra No : 26

In Hindi:

ऋषि : अथर्वा | देवता : मन्त्रोक्ताः | छन्द : दैवी जगती | स्वर :

विषय : ब्रह्मविद्या का उपदेश।

पदपाठ : प्रा॒जा॒ऽप॒त्याभ्या॑म्। स्वाहा॑ ॥२३.२६॥

पदार्थ : (प्राजापत्याभ्याम्) प्रजापति [परमात्मा] को पूजनीय माननेवाली दोनों [कार्य और कारण] के लिये (स्वाहा) स्वाहा [सुन्दर वाणी] हो ॥२६॥"

भावार्थ :

टिप्पणी :२६−(प्राजापत्याभ्याम्) प्रजापतिः परमात्मा देवता पूजनीयो ययोस्ताभ्यां कार्यकारणाभ्याम् ॥