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Rigveda / 8 / 29 / 8

विभि॒र्द्वा च॑रत॒ एक॑या स॒ह प्र प्र॑वा॒सेव॑ वसतः ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 29 | Mantra No : 8

In Hindi:

ऋषि : मनुर्वैवस्वतः कश्यपो वा मारीचः | देवता : विश्वेदेवा: | छन्द : आर्चीभुरिग्गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : विऽभिः॑ । द्वा । च॒र॒तः॒ । एक॑या । स॒ह । प्र । प्र॒वा॒साऽइ॑व । व॒स॒तः॒ ॥ ८.२९.८

पदार्थ :

भावार्थ :