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Rigveda / 8 / 44 / 17

उद॑ग्ने॒ शुच॑य॒स्तव॑ शु॒क्रा भ्राज॑न्त ईरते । तव॒ ज्योतीं॑ष्य॒र्चय॑: ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 44 | Mantra No : 17

In Hindi:

ऋषि : विरूप आङ्गिरसः | देवता : अग्निः | छन्द : निचृद्गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : उत् । अ॒ग्ने॒ । शुच॑यः । तव॑ । शु॒क्राः । भ्राज॑न्तः । ई॒र॒ते॒ । तव॑ । ज्योतीं॑षि । अ॒र्चयः॑ ॥ ८.४४.१७

पदार्थ :

भावार्थ :