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Rigveda / 8 / 45 / 15

यस्ते॑ रे॒वाँ अदा॑शुरिः प्रम॒मर्ष॑ म॒घत्त॑ये । तस्य॑ नो॒ वेद॒ आ भ॑र ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 45 | Mantra No : 15

In Hindi:

ऋषि : त्रिशोकः काण्वः | देवता : इन्द्र: | छन्द : गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : यः । ते॒ । रे॒वान् । अदा॑शुरिः । प्र॒ऽम॒मर्ष॑ । म॒घत्त॑ये । तस्य॑ । नः॒ । वेदः॑ । आ । भ॒र॒ ॥ ८.४५.१५

पदार्थ :

भावार्थ :