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Rigveda / 8 / 45 / 25

या वृ॑त्र॒हा प॑रा॒वति॒ सना॒ नवा॑ च चुच्यु॒वे । ता सं॒सत्सु॒ प्र वो॑चत ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 45 | Mantra No : 25

In Hindi:

ऋषि : त्रिशोकः काण्वः | देवता : इन्द्र: | छन्द : गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : या । वृ॒त्र॒ऽहा । प॒रा॒ऽवति॑ । सना॑ । नवा॑ । च॒ । चु॒च्यु॒वे । ता । सं॒सत्ऽसु॑ । प्र । वो॒च॒त॒ ॥ ८.४५.२५

पदार्थ :

भावार्थ :