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Rigveda / 8 / 65 / 4

आ त॑ इन्द्र महि॒मानं॒ हर॑यो देव ते॒ मह॑: । रथे॑ वहन्तु॒ बिभ्र॑तः ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 65 | Mantra No : 4

In Hindi:

ऋषि : प्रगाथः काण्वः | देवता : इन्द्र: | छन्द : गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : आ । ते॒ । इ॒न्द्र॒ । म॒हि॒मान॑म् । हर॑यः । दे॒व॒ । ते॒ । महः॑ । रथे॑ । व॒ह॒न्तु॒ । बिभ्र॑तः ॥ ८.६५.४

पदार्थ :

भावार्थ :