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Rigveda / 8 / 67 / 12

अ॒ने॒हो न॑ उरुव्रज॒ उरू॑चि॒ वि प्रस॑र्तवे । कृ॒धि तो॒काय॑ जी॒वसे॑ ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 67 | Mantra No : 12

In Hindi:

ऋषि : मत्स्यः साम्मदो मान्यो वा मैत्रावरुणिर्बहवो वा मत्स्या जालनध्दाः | देवता : आदित्याः | छन्द : गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : अ॒ने॒हः । नः॒ । उ॒रु॒ऽव्र॒जे॒ । उरू॑चि । वि । प्रऽस॑र्तवे । कृ॒धि । तो॒काय॑ । जी॒वसे॑ ॥ ८.६७.१२

पदार्थ :

भावार्थ :