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Rigveda / 8 / 72 / 5

चर॑न्व॒त्सो रुश॑न्नि॒ह नि॑दा॒तारं॒ न वि॑न्दते । वेति॒ स्तोत॑व अ॒म्ब्य॑म् ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 72 | Mantra No : 5

In Hindi:

ऋषि : हर्यतः प्रागाथः | देवता : अग्निर्हर्वीषि वा | छन्द : निचृद्गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : चर॑न् । व॒त्सः । रुश॑न् । इ॒ह । नि॒ऽदा॒तार॑म् । न । वि॒न्द॒ते॒ । वेति॑ । स्तोत॑व्र् । अ॒म्ब्य॑म् ॥ ८.७२.५

पदार्थ :

भावार्थ :