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Rigveda / 8 / 84 / 6

अधा॒ त्वं हि न॒स्करो॒ विश्वा॑ अ॒स्मभ्यं॑ सुक्षि॒तीः । वाज॑द्रविणसो॒ गिर॑: ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 84 | Mantra No : 6

In Hindi:

ऋषि : उशना काव्यः | देवता : अग्निः | छन्द : निचृद्गायत्री | स्वर : षड्जः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : अध॑ । त्वम् । हि । नः॒ । करः॑ । विश्वाः॑ । अ॒स्मभ्य॑म् । सु॒ऽक्षि॒तीः । वाज॑ऽद्रविणसः । गिरः॑ ॥ ८.८४.६

पदार्थ :

भावार्थ :