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Rigveda / 8 / 98 / 1

इन्द्रा॑य॒ साम॑ गायत॒ विप्रा॑य बृह॒ते बृ॒हत् । ध॒र्म॒कृते॑ विप॒श्चिते॑ पन॒स्यवे॑ ॥

Veda : Rigveda | Mandal : 8 | Sukta : 98 | Mantra No : 1

In Hindi:

ऋषि : नृमेधः | देवता : इन्द्र: | छन्द : उष्णिक् | स्वर : ऋषभः

विषय : प्रामाणिक भाष्य उपलब्ध होने पर अपलोड किया जायेगा।

पदपाठ : इन्द्रा॑य । साम॑ । गा॒य॒त॒ । विप्रा॑य । बृ॒ह॒ते । बृ॒हत् । ध॒र्म॒ऽकृते॑ । वि॒पः॒ऽचिते॑ । प॒न॒स्यवे॑ ॥ ८.९८.१

पदार्थ :

भावार्थ :