Rigveda / 9 / 67 / 9
हि॒न्वन्ति॒ सूर॒मुस्र॑य॒: पव॑मानं मधु॒श्चुत॑म् । अ॒भि गि॒रा सम॑स्वरन् ॥
Veda : Rigveda | Mandal : 9 | Sukta : 67 | Mantra No : 9
In English:
Seer : gotamoH | Devta : pavamaanaH somaH | Metre : gaayatrii | Tone : ShaDjaH
Subject : English Translation will be uploaded as and when ready
Verse : hinvanti suuramusrayaH pavamaana.m madhushchutam . abhi giraa samasvaran .
Component Words : hinvanti . suuram . usrayaH . pavamaanam . madhu.ashchutam . abhi . giraa . sam . asvaran . 9.67.9
In Hindi:
ऋषि : गोतमोः | देवता : पवमानः सोमः | छन्द : गायत्री | स्वर : षड्जः
विषय :
पदपाठ : हि॒न्वन्ति॑ । सूर॑म् । उस्र॑यः । पव॑मानम् । म॒धु॒ऽश्चुत॑म् । अ॒भि । गि॒रा । सम् । अ॒स्व॒र॒न् ॥ ९.६७.९
पदार्थ : (उस्रयः) ज्ञानी लोग (पवमानम्) पवित्र करनेवाले (मधुश्चुतं) आनन्द की वृष्टि करनेवाले (सूरम्) परमात्मा की (गिरा) वेदवाणियों से (समस्वरन्) स्तुति करते हुए (अभिहिन्वन्ति) सब ओर से साक्षात्कार करते हैं ॥९॥
भावार्थ : विद्वान् लोग वेदवाणियों द्वारा पूर्वोक्त परमात्मा की स्तुति करते हैं ॥९॥
In Sanskrit:
ऋषि : गोतमोः | देवता : पवमानः सोमः | छन्द : गायत्री | स्वर : षड्जः
पदपाठ : हि॒न्वन्ति॑ । सूर॑म् । उस्र॑यः । पव॑मानम् । म॒धु॒ऽश्चुत॑म् । अ॒भि । गि॒रा । सम् । अ॒स्व॒र॒न् ॥ ९.६७.९
भावार्थ :